AURAT KA MANN
औरत का मन आज मैं आपको एक लड़की की सच्ची कहानी बताने जा रही हूँ। जिसका नाम मीनू है। वह पढ़ने में बहुत होशियार थी। घर में तीन बहनो और दो भाइयो में सबसे बड़ी ,इस कारण बचपन से ही घर में जिम्मेदारी ज्यादा थी उसके ऊपर। मीनू नाम रखा था पापा ने बहुत ही प्यार से लेकिन अब पापा को भी चिंता रहती तीन बेटियों की ,शादी की , इसलिए वह भी अब मीनू पर ध्यान नहीं देते थे ,प्यार नहीं करते थे। माँ तो सारा दिन काम में इतना व्यस्त रहती की उन्हें भी समय नहीं मिलता की वह मीनू के मन की व्यथा जान सके। बाकि बहन भाइयों से अलग सी रहती थी, मीन ु बचपन से ही कम बोलने वाली संकोची स्वाभाव की थी। कभी भी अपनी बात खुलकर नहीं कह पाती थी जब पढाई का मन हो तभी माँ के साथ काम करवाना पड़ता था। वह डॉक्टर बनना चा...